Monday, 24 March 2014

दर्द

            एक  लड़की  जब  पैदा  होती  है  उससे कितनी  तकलीफो का सामना  करना पड़ता  है।    

"यह एक लड़की है,"
 वे फुसफुसाए,
सदमे और शर्म से भरा उनकी आवाज
जैसे  कोई  बहुत  बड़ा  पाप हो गया  हूँ 
आज बच्चा था.
कल वह नहीं था.

          -   कन्या भ्रूण हत्या.


वह अकेले  घर  से  बहार निकली
वे कुत्तों कि  तरह  उस पर  घिर  गए
शारीरिक रूप से कही कि  नहीं रही और भावनात्मक रूप से बिखेर  के रख दिए
पूरे ज़िन्दगी भर का एक दर्द दे दिआ ,
वह  लेटी  जीवन और मौत के बीच लड़ती रही  
                                         
           - बलात्कार


"हमें और ज्यादा पैसे चाहिए ",  उन्होंने  कहा
क्रोध और नफरत से भरी  उनकी आवाज.
फिर उससे किसी और को सौंप  दिए गया
जिसके बाद उसने कभी दूसरा दिन नहीं देखा

           - दहेज़ हत्या .